खाँसी कें घरेलू उपचार व ईलाज

खाँसी

खाँसी एक ऐसी बीमारी हैं जो किसी  कों भी हो सकती है और  किसी भी मौसम मे हो सकती हैं। यह एक आम बीमारियों में से एक है लेकिन इसके होने के बाद हमारा शरीर पूरी तरह normal नहीं रहता और ना ही किसी काम मे ध्यान लगता है अगर इस छोटी सी बीमारी का ध्यान नही रखा जाए तो यह छोटी सी बीमारी बहुत बड़ा रूप धारण कर लेती हैं। आप हमारे बताएँ हुए नूस्खो से खाॅसी को चुटकियो मे गायब कर सकते है और असल बात तो यह है कि इनका कोई side effect भी नही हैं। इसलिए आज हम आपको post के माध्यम से खाॅसी के घरेलू नूस्खे बताएँगे।

 

खाॅसी के घरेलू उपाय व नूस्खें | Khansi ke Gharelu Upay
खाँसी के इलाज | Home Remedies for Cough in hindi | खाँसी का इलाज कैसे करे? | खाँसी की देसी दवा

 

खाँसी होने कें कारण | khansi ke karan

वैसे तो खाँसी होने के बहुत सारे कारण हैं लेकिन उन कारणों में से ये कुछ मुख्य कारण हैं।

  • खाँसी होने का सबसे प्रमुख कारण हैं मौसम में आचानक से बदलाव आना।
  • ठण्ड़ के कारण ठण्ड़ी चीजें खाने से।
  • अलर्जी भी खाँसी होने का प्रमुख कारण हैं।
  • वायरल इन्फेकस्न भी बहुत बड़ा कारण हैं।
  • और खाँसी का एक कारण यह भी। जब हम अचानक ठण्डे के ऊपर गर्म खा लेते।
  • सर्दी में केला और दही खाने के कारण।
  • कई बार निमोनिया,जुकाम या ह्दय के रोग से भी खाँसी हो जाती हैं।
  • Acidity भी खाँसी का प्रमुख कारण हैं क्योंकि पेट के अंदर बना  acid सांस की नली मे चला जाता है।
  • धूल मिट्टी से भी खाँसी हो सकती है क्योंकि धूल सांस के द्वारा गले मे चली जाती है।
  • खांसी रोग गलत तरीके के खान-पान के कारण,दूषित भोजन तथा भोजन में फलों और सब्जियों की कमी होने के कारण हो सकता है।
  • ज्यादा मीठे का सेवन करने से भी खाँसी रोग होता हैं।
  • ज्यादा शराब और धूम्रपान से भी खाँसी रोग बढ़ता हैं।
  • शरीर में कमजोरी आने के कारण भी खाँसी रोग होता हैं।
  • खाना सही से न पचने के कारण भी खाँसी रोग होता हैं।
  • हरी सब्जियों की कमी और दूषित या बासी खाना खाने से भी यह रोग तेजी से आता हैं।
    घी या तेल से बना हुआ खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीने से भी खाँसी रोग होता हैं।
  • मूँगफली,अखरोट खाने के बाद पानी पीने से भी खाँसी रोग होता हैं।

 

आईये हम आपको बताते है की खाँसी रोग कितने प्रकार की होती हैं।

खाँसी के प्रकार और लक्षण | khansi ke symptoms or types

आयुर्वेद के हिसाब से खाँसी रोग 5 प्रकार का होता हैं।

पितज खाँसी: इस प्रकार की खाँसी मे कफ हमेशा कड़वा निकलता हैं। और इसमें मुँह से गर्म सांसे निकलती हैं और पेट और सीने मे जलन रहती हैं। और बार-बार गला सूखता रहता हैं।
वातज खाँसी: इस प्रकार की खाँसी मे कफ बहुत कम निकलता है क्योंकि इसमें कफ सूख जाता हैं। इस खाँसी में कफ न निकलने के कारण शरीर कें कई हिस्सों मे दर्द होने लगता हैं जैसें – पेट मे,पसलियो में,आंतो मे,और सिर में।

 

क्षयज खाँसी: वेगो के रोकने और अत्ययंत भोग विलास करने से भी होती हैं यह खाँसी सबसे हानिकारक होती हैं। इसमें आदमी को बहुत ज्यादा तकलीफ सहन करनी पड़ती हैं क्योंकि इस खाँसी मे बहुत ज्यादा दर्द होता हैं और खाँसते समय मुँह से कफ के साथ-साथ खून भी निकलता है। अगर इस खाँसी का ज्यादा दिनों तक चलना सही नहीं हैं यह टी बी का रूप धारण कल सकती है।
कफज खाँसी: इस खाँसी मे कफ बहुत निकलता है। जरा सा खाँसते ही मुँह में कफ आ जाता हैं। कफज खाँसी होने के बाद सिर भारी हो जाता हैं और दुखने लगता हैं। और पूरे दिन नींद चढ़ी रहती हैं और पूरे दिन मुँह मे कफ भरे होने के कारण मुँह का स्वाद खराब रहता हैं। और भूख भी नहीं लगती।
क्षतज खाँसी: यह खाँसी भी बहुत दर्दनाक होती हैं। इसमें गला हमेशा आवाज करता रहता हैं और फटा-फटा सा महसूस होता हैं और अंदर घाव हो जाते हैं। यह खाँसी हमेशा ज्यादा पैदल चलने और ज्यादा वजन उठाने आदि से होती हैं।

खाँसी का घरेलू इलाज व अचूक दवा

 

  • शहद,और किशमिश को मिलाकर लेने से खाँसी ठीक हो जाती है।
  • चने को भूनकर काली मिर्च के साथ मिलाकर खाने से खाँसी रोग जड़ से खत्म होता है।
  • गर्म पानी में नींबू का रस निकलकर और शहद मिलाकर पीने से खाँसी खत्म हो जाती है।
  • गर्म नमकीन पानी से गरारे करने से भी खाँसी दूर होती हैं। – मेरा तो ये सबसे बेस्ट हैं।👍
  • तुलसी अदरक वाली चाय भी खाँसी मे लाभदायक होती हैं।
  • मलहठी खाना भी खाँसी में सबसे बेस्ट माना जाता हैं।
  • हल्दी वाला दूध भी बहुत जरूरी है इससे भी बहुत आराम मिलता हैं।
  • लहसुन को कच्चा चबाए। यह थोड़ा कड़वा जरूर लगेगा लेकिन खाँसी के लिए फायदेमंद हैं।
  • 1 चम्मच दूध और 1 चम्मच मूली का रस मिलाकर पीने से भी खाँसी मे राहत मिलती हैं।
  • जब आप ज्यादा कफ से परेशान हो तो अंगूर के रस मे 1 चम्मच शहद मिलाकर पी ले।
    1/2 चम्मच प्याज के रस मे शहद मिलाकर पीने से खाँसी मे राहत मिलती हैं।
  • खाँसी से बचने के लिए काली मिर्च को पताशे मे ड़ालकार चबाये।

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AuthorAnkush Banger

I am Ankush Banger. सच कहूँ तो अभी ऐसे मुकाम पर गया नहीं हूँ. कि आपकों कुछ बता सकूँ. यही कारण हैं कि अभी तक हमारी वेबसाइट www.Hindiword.com पर About us पेज नहीं हैं.

4 thoughts on “खाँसी कें घरेलू उपचार व ईलाज

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