Subhash Chandra Bose in Hindi, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में 15 रोचक तथ्य

shubhash Chandra bose, सुभाष चन्द्र बोसकहते हैं कि जो पीढ़ी उसके पुरखों और इतिहास को भूल जाती है उससे अधिक अभागा कोई नहीं हो सकता. यदि कोई देश उसकी पुरातन संस्कृति, अतीत और देश की आज़ादी के लिए उनके लहू की कुर्बानी देने वाले लड़ाकों को भूल जाता है तो इससे बड़ी विडम्बना क्या हो सकती है? वर्तमान समाज को इस बात पर गहन चिंतन-मनन करना चाहिए कि आख़िर हम क्यों अपने पुरातन नायकों को भुलाते जा रहे हैं.

  “Freedom is not given, it is taken”

Subhash Chandra Bose in Hindi, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में 15 रोचक तथ्य

1. आजाद हिंद फौज का गठन करके अंग्रेजों की नाक में दम करने वाले फ्रीडम फाइटर सुभाषचंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को उ़डीसा के कटक शहर में हुआ था.

2. सुभाष चन्द्र बोस अपनी माता-पिता की 14 सन्तानों में से नौवीं सन्तान थे.

3. 5 जुलाई 1943 को सिंगापुर के टाउन हाल के सामने ‘सुप्रीम कमाण्डर’ के रूप में नेता जी ने अपनी सेना को सम्बोधित करते हुए ‘दिल्ली चलो’ का नारा दिया.

4. 21 अक्टूबर 1943 को सुभाष बोस ने आजाद हिन्द फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से स्वतन्त्र भारत की अस्थायी सरकार बनायी.

5. 6 जुलाई 1944 को उन्होंने रंगून रेडियो स्टेशन से महात्मा गांधी के नाम एक प्रसारण जारी करके बापू से आशीर्वाद और शुभकामनायें माँगीं.

6. सुभाषचंद्र बोस ने भारतीय स्‍वतंत्रता संग्राम के सेनानी भगत सिंह की फांसी रुकवाने का भरसक प्रयत्‍न किया. उन्‍होंने गांधीजी से कहा कि वह अंग्रेजों से किया अपना वादा तोड़ दें लेकिन वह भगत सिंह को बचाने में नाकाम रहे.

7. उनके पिता की इच्छा थी कि सुभाष आई.सी.एस. बनें. उन्होंने अपने पिता की यह इच्छा पूरी की. 1920 की आई.सी.एस. परीक्षा में उन्होंने चौथा स्थान पाया मगर सुभाष का मन अंग्रेजों के अधीन काम करने का नहीं था. 22 अप्रैल 1921 को उन्होंने इस पद से त्यागपत्र दे दिया.

8. सन् 1933 में उन्हें देश निकाला दे दिया। 1934 में पिताजी की मृत्यु पर तथा 1936 में काँग्रेस के (लखनऊ) अधिवेशन में भाग लेने के लिए सुभाष चन्द्र बोस दो बार भारत आए, मगर दोनों ही बार ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर वापस देश से बाहर भेज दिया.

9. सबसे पहले गाँधीजी को राष्ट्रपिता कह कर सुभाष चंद्र बोस ने ही संबोधित किया था.

10. सुभाषचंद्र बोस जी को नेताजी कहने वाला पहला शख्स एडोल्फ हिटलर ही था.

11. नेताजी ने दुनिया की पहली महिला फौज का गठन किया था.

12. नेताजी सुभाष चंद्र बोस को 1992 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया लेकिन बाद में वापिस ले लिया.

13. नेताजी सुभाष चंद्र बोस को 11 बार जेल हुई.

14. बोस को किताबों का शौक था, ऐसे प्रमाण मिलते हैं कि उन्होंने स्वामी विवेकानंद की बहुत सारी किताबें पढ़ी हैं.

15. ऐसा कहा जाता है कि अगस्त 1945 में ताइवान में हुई तथाकथित विमान दुर्घटना में जब सुभाष की मौत हो गई, जिस पर विवाद है. नेताजी का शव आज तक नहीं मिला इसलिए आज तक उनकी मौत पर विवाद है.

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AuthorAnkush Banger

I am Ankush Banger. सच कहूँ तो अभी ऐसे मुकाम पर गया नहीं हूँ. कि आपकों कुछ बता सकूँ. यही कारण हैं कि अभी तक हमारी वेबसाइट www.Hindiword.com पर About us पेज नहीं हैं.

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